अब बर्दाश्त नहीं होता । आखिर कब तक हाथ पर हाथ रख कर बैठेंगे ।
यही कहता है । ये छोटा शेर ....
मैं उन तथाकथित हिंदुओं से बोल दू । जो हिंदू होते हुए । भारत की संस्कृति, समाजिक, राजनीतिक, व्यवस्था को कोसते रहते हैं । और अपने दोगलेपन होने का हमेशा एहसास दिलाते रहते हैं । वे सभी इसका खड़न करे । BHU के परिसर में छात्राओं साथ छेड़छाड़ के बारे में हुए । हिंसक प्रदर्शन कहा तक सही है । जब वे प्रदर्शकर्ता प्रशासन से नहीं डरते । उन पर पेट्रोल बम बना कर फेंकते है । तोड़फोर कर सकते पुलिस की गाड़ियां जला सकते । इतना साहसी और प्रशिक्षित है । फिर भी कोई लड़का उन पर कॉमेंट कर देता है । ये बात हजम नहीं होती ।
प्रदर्शन के दौरान जो प्रदर्शनकर्ता थे । उसमे जेएनयू , हैदराबाद यूनिवर्सिटी , जोधपुर के छात्रों को देखा गया । आज यह भी विभिन्न मीडिया चैनल के द्वारा स्पष्ट हो गया । अब सवाल उठता है । क्या यह घटना देशविरोधी ताकतो की चाल है ? क्या फिर से मोदी जी निशाने पर थे ? आपको पता होगा कि उसी रास्ते से मोदी जी जाने वाले थे । अंत में प्रशासन की सूझ बूझ के कारण उन्हे दूसरे रास्ते से जना पड़ा । कुछ भी मामला हो, पर प्रदर्शन का हिसंक रूप धारण करना । कई सवाल खड़े कर दिए है । इसकी जांच होने चाहिए । उग्र प्रदर्शनकर्ता एवं बाहरी छात्रों की पहचान कर । पूछताछ की जाए । गत वर्षो में हुई आतंकी घटना से सबक लेने की आवश्यकता है । इसका बचाओ और संरक्षण देने वाले नेता , मीडिया,कम्युनिस्टों , को भी पकड़ा जाए । सुरक्षा के लिए कड़े कानूनी कदम उठाने की जरुरत है । वो दिन दूर नहीं जब मुस्लिमों (अतांकवादी ) , कम्युनिस्टों तथा देशविरोधी ताकतों का नंगा नाच होगा । इतिहास और वर्तमान दोनों घटनाओं से हम भलीभांति अवगत है । ऑल आउट की आवश्यकता कश्मीर में ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न भागों में भी है । 50-60 तो दोगले मेरी नज़रों में भी है । कुछ तो करे सरकार !
जितेश हिन्दू
यही कहता है । ये छोटा शेर ....
मैं उन तथाकथित हिंदुओं से बोल दू । जो हिंदू होते हुए । भारत की संस्कृति, समाजिक, राजनीतिक, व्यवस्था को कोसते रहते हैं । और अपने दोगलेपन होने का हमेशा एहसास दिलाते रहते हैं । वे सभी इसका खड़न करे । BHU के परिसर में छात्राओं साथ छेड़छाड़ के बारे में हुए । हिंसक प्रदर्शन कहा तक सही है । जब वे प्रदर्शकर्ता प्रशासन से नहीं डरते । उन पर पेट्रोल बम बना कर फेंकते है । तोड़फोर कर सकते पुलिस की गाड़ियां जला सकते । इतना साहसी और प्रशिक्षित है । फिर भी कोई लड़का उन पर कॉमेंट कर देता है । ये बात हजम नहीं होती ।
प्रदर्शन के दौरान जो प्रदर्शनकर्ता थे । उसमे जेएनयू , हैदराबाद यूनिवर्सिटी , जोधपुर के छात्रों को देखा गया । आज यह भी विभिन्न मीडिया चैनल के द्वारा स्पष्ट हो गया । अब सवाल उठता है । क्या यह घटना देशविरोधी ताकतो की चाल है ? क्या फिर से मोदी जी निशाने पर थे ? आपको पता होगा कि उसी रास्ते से मोदी जी जाने वाले थे । अंत में प्रशासन की सूझ बूझ के कारण उन्हे दूसरे रास्ते से जना पड़ा । कुछ भी मामला हो, पर प्रदर्शन का हिसंक रूप धारण करना । कई सवाल खड़े कर दिए है । इसकी जांच होने चाहिए । उग्र प्रदर्शनकर्ता एवं बाहरी छात्रों की पहचान कर । पूछताछ की जाए । गत वर्षो में हुई आतंकी घटना से सबक लेने की आवश्यकता है । इसका बचाओ और संरक्षण देने वाले नेता , मीडिया,कम्युनिस्टों , को भी पकड़ा जाए । सुरक्षा के लिए कड़े कानूनी कदम उठाने की जरुरत है । वो दिन दूर नहीं जब मुस्लिमों (अतांकवादी ) , कम्युनिस्टों तथा देशविरोधी ताकतों का नंगा नाच होगा । इतिहास और वर्तमान दोनों घटनाओं से हम भलीभांति अवगत है । ऑल आउट की आवश्यकता कश्मीर में ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न भागों में भी है । 50-60 तो दोगले मेरी नज़रों में भी है । कुछ तो करे सरकार !
जितेश हिन्दू

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