भारत ही नहीं । अपितु विश्व के इतिहास में कोई भी ऐसा इस्लामिक पर्व नहीं । जिसमें मुस्लिमों द्वारा हिंसक प्रदर्शन नहीं हुआ ।
हाल में ही नवरात्रि समाप्ति के ठीक बाद मुस्लिमों का पर्व मुहर्रम के । अवसर पर कानपुर के परम पुरवा इलाके में मुसलमानों ने दंगे शुरू कर दिए । इसमें 25 से ज्यादा लोग घायल हुए । कितने को चोट लगी । 5 से ज्यादा लोगों की अब तक मृत्यु हो चुकी है और लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रहा है । अभी स्पष्ट नहीं हुआ । परंतु यह दंगा क्यों ? कहां गए हिंदू मुस्लिम भाई-भाई कहने वाले देशद्रोही । कहां गए वो मुल्ला -मौलवी ? जो इस्लाम को शांति का मजहब बताते रहे है । आज इस हिंसक प्रदर्शन का खंडन करें । कहां गए वो स्वतंत्र मीडिया ? जिन्होंने BHU की घटना को खूब उछाला । झूठी खबरें बनाकर 'बनारस हिंदू विश्वविद्यालय' को बदनाम करने साजिश की । आखिर कब तक इस झूठे को झेलते रहे । आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता । अब इसे बदले , सत्य का स्मरण करें । आतंकवाद का एक ही धर्म होता है , वह है इस्लाम !
बौद्ध भिक्षु विराथु का कहना सही है - " कोई व्यक्ति पागल कुत्ते के साथ नहीं सो सकता बर्बरता पूर्वक वह मारा जाएगा।" इतिहास और वर्तमान दोनों साक्षी है । पूरी दुनिया में शांति को भंग करने वाला कोई धर्म है, तो वह इस्लाम है । अगर पूरे विश्व को किसी से खतरा है , तो वह इस्लाम से है । समग्र विश्व को एक मंच पर । एक साथ इसके विरुद्ध खड़े होने की आवश्यकता है । ऐसे देशद्रोहियों को पांव तले कुचले दे या देश से बहिष्कृत करें । तभी शांति की पुनर्स्थापना होगी । यही भागवत गीता का उपदेश और यही धर्म है । भय को त्यागे और अपने धर्म का पालन करे । शत्रुओं को जवाब उन्ही की भाषा में देना होगा । भारत भू के पुनर्निर्माण के लिए सामर्थ्यवान बने । शक्तिशाली बने ! आवश्यकता पड़ने पर अधर्मियों का नाश करने योग्य बने । जल्द ही एक बड़ी चुनौतीओं का सामना करना है । क्या आप तैयार हो ? आर-पार की लड़ाई होगी । धर्म की पुनर्स्थापना होगी या फिर अधर्मी नंगा नाच करेगा । कल जो घटित होगा । उसे कोई नहीं बदल सकता । आपको तय करना है । जो भी हो लड़ाई तो होगी । शांति की पुनर्स्थापना भी होगी । यह निश्चित है । आप सजग हो सशक्त बने अस्त्र को धारण करें । स्वार्थ का त्याग करे । इसी में देश और समाज का कल्याण है ।
स्वयं विचार करें !
जितेश हिंदू
हाल में ही नवरात्रि समाप्ति के ठीक बाद मुस्लिमों का पर्व मुहर्रम के । अवसर पर कानपुर के परम पुरवा इलाके में मुसलमानों ने दंगे शुरू कर दिए । इसमें 25 से ज्यादा लोग घायल हुए । कितने को चोट लगी । 5 से ज्यादा लोगों की अब तक मृत्यु हो चुकी है और लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रहा है । अभी स्पष्ट नहीं हुआ । परंतु यह दंगा क्यों ? कहां गए हिंदू मुस्लिम भाई-भाई कहने वाले देशद्रोही । कहां गए वो मुल्ला -मौलवी ? जो इस्लाम को शांति का मजहब बताते रहे है । आज इस हिंसक प्रदर्शन का खंडन करें । कहां गए वो स्वतंत्र मीडिया ? जिन्होंने BHU की घटना को खूब उछाला । झूठी खबरें बनाकर 'बनारस हिंदू विश्वविद्यालय' को बदनाम करने साजिश की । आखिर कब तक इस झूठे को झेलते रहे । आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता । अब इसे बदले , सत्य का स्मरण करें । आतंकवाद का एक ही धर्म होता है , वह है इस्लाम !
बौद्ध भिक्षु विराथु का कहना सही है - " कोई व्यक्ति पागल कुत्ते के साथ नहीं सो सकता बर्बरता पूर्वक वह मारा जाएगा।" इतिहास और वर्तमान दोनों साक्षी है । पूरी दुनिया में शांति को भंग करने वाला कोई धर्म है, तो वह इस्लाम है । अगर पूरे विश्व को किसी से खतरा है , तो वह इस्लाम से है । समग्र विश्व को एक मंच पर । एक साथ इसके विरुद्ध खड़े होने की आवश्यकता है । ऐसे देशद्रोहियों को पांव तले कुचले दे या देश से बहिष्कृत करें । तभी शांति की पुनर्स्थापना होगी । यही भागवत गीता का उपदेश और यही धर्म है । भय को त्यागे और अपने धर्म का पालन करे । शत्रुओं को जवाब उन्ही की भाषा में देना होगा । भारत भू के पुनर्निर्माण के लिए सामर्थ्यवान बने । शक्तिशाली बने ! आवश्यकता पड़ने पर अधर्मियों का नाश करने योग्य बने । जल्द ही एक बड़ी चुनौतीओं का सामना करना है । क्या आप तैयार हो ? आर-पार की लड़ाई होगी । धर्म की पुनर्स्थापना होगी या फिर अधर्मी नंगा नाच करेगा । कल जो घटित होगा । उसे कोई नहीं बदल सकता । आपको तय करना है । जो भी हो लड़ाई तो होगी । शांति की पुनर्स्थापना भी होगी । यह निश्चित है । आप सजग हो सशक्त बने अस्त्र को धारण करें । स्वार्थ का त्याग करे । इसी में देश और समाज का कल्याण है ।
स्वयं विचार करें !
जितेश हिंदू

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