संबंधवाचक - जिन अव्यायों शब्दों से संज्ञा तथा सर्वनाम के संबंध दूसरे शब्दों के साथ जाना जाता हैं, उस अव्यय को संबंधवाचक कहते हैं।
संबंधवाचक के वेद निम्न होते हैं -
कालवाचक - आज, कल ,पूर्व, बाद
स्थानवाचक - ऊपर, नीचे, बाहर, भीतर
साधन वाचक - द्वारा, बलबूते, कारण,
विरोध वाचक - उल्टा, विपरीत, विरुद्ध
दिशा वाचक - समाने, ओर, तरफ, आर - पार
समता वाचक - समान, तरह, भांति, बराबर
हेतु वाचक - लिए, सिवा
सहचर वाचक - संग, साथ, भर, मात्र
संग्रह वाचक - तक,भर, समेत
तुलना वाचक - अपेक्षा, आगे, सामने
संबंधवाचक के वेद निम्न होते हैं -
कालवाचक - आज, कल ,पूर्व, बाद
स्थानवाचक - ऊपर, नीचे, बाहर, भीतर
साधन वाचक - द्वारा, बलबूते, कारण,
विरोध वाचक - उल्टा, विपरीत, विरुद्ध
दिशा वाचक - समाने, ओर, तरफ, आर - पार
समता वाचक - समान, तरह, भांति, बराबर
हेतु वाचक - लिए, सिवा
सहचर वाचक - संग, साथ, भर, मात्र
संग्रह वाचक - तक,भर, समेत
तुलना वाचक - अपेक्षा, आगे, सामने
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