अभी हाल में ही । देश में तिमाही GDP की गणना की गई । जिसमे गिरावट आई है । यह 7.4 ' /. से घट कर 5.7 '/. बताया गया । जिसके कारण विपक्ष मोदी सरकार पर । देश की आर्थिक स्थिति खराब करने का आरोप लगा रहा है ।
आश्चर्य तो तब होता है । जब भाजापा के ही दो नेता विपक्षीयों के सुर से सुर मिला कर बोलने लगे ।
बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार को देश की आर्थिक स्थिति तबाह करने और सबको गरीब बनने का आरोप लगाया । तो वहीं बीजेपी नेता अरुण भौरी ने नोटबंदी को सबसे बड़ी मनी लॉन्ड्रिंग स्कीम और GST को फेल बताया ।
थोड़ा सा हम कांग्रेस सरकार में GDP की चर्चा करे तो बाते स्पष्ट होगी । पिछले 6 साल में देश में 8 बार GDP 5 '/. से भी नीचे गया है । तिमाही (क्वार्टर ) में देखा जाए तो विकास दर 0.2 से 1.5 तक थी । कुछ वर्षों की तुलना वैश्विक विकास दर से की जाए । तो बाते और स्पष्ट होगी ।
वर्ष 2013-14 में देश का GDP 4.74 वैश्विक 11.54 । वर्ष 2012-13 में देश का GDP 4.47 वैश्विक 11.88 । वर्ष 1979-80 में देश का GDP -5.20 वैश्विक 9.12 । इसी तरह वर्ष 1976-77 और 1974-75 में देश का GDP 1.25 और 1.01 थी । 1972-73 में -0.35 थी । जब की मोदी सरकार के पूरे कार्यकाल का GDP देखा जाए तो । आर्थिक मंदी के बावजूद 6.74 '/. अंकित किया गया । तब विपक्ष के लोग GDP मापने वाले पैरामीटर को उस समय गलत बता रहे थे । आज जब विकास दर कम बताया गया तो पैरामीटर पसंद आने लगे । ये राजनीती विडंबना ही है । जिस कांग्रेस पार्टी देश में 60 वर्षों तक राज की । देश विकास दर इनके शासन कल में न्यूनतम दर पर था । राजनीति, वैश्वीकरण, विदेशनीति, पाकिस्तान का तांडव, चीन की धमकियां, भ्रष्टाचार, लूट - खसोट, घोटाले, चरम सीमा पर थी । कई बार वृतिय आपातकाल भी घोसित हुआ था । फिर भी कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी 6 महीने में देश की सारी व्यवस्था सुधारने की क्षमता रखते है । भूतपूर्व प्रधानमंत्री तो बड़े अर्थशास्त्री थे । फिर भी विकास दर इतना कम क्यू था ? जवाब है इसका नहीं ना । सोनिया जी और आप राहुल गांधी जी आपने देश के प्रधानमंत्री का इस्तेमाल किया । आपकी तानाशाही इतनी थी कि , देश का प्रधामंत्री कहीं आम जनता को संबोधन तक नहीं कर सकता था ।
मोदी जी हमेशा प्रधानमंत्री पद की गरिमा को बनाए रखे । आज निस्वार्थ भाव से देश को आगे बढ़ाने में जुटे है । आज उन्हीं के संघर्षों का परिणाम है की, भारत विश्वमंच पर टीका हुआ है । भविष्य में भारत भी दुनिया को आपनी सूझ बूझ से प्रभावित करेगा । इसके लिए हमें सशक्त प्रधानमंत्री चुनना होगा । इतिहास और वर्तमान को परखे । फिर स्वर्थहित को त्याग दे, देशहित के लिए 2019 की तैयारियां में देश को आपका साथ चाहिए । स्वंम विचार करे ।
जितेश सिंह

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