फेसबुक पर बढ़ाते फेक
आई.डी. को लेकर कई देशों ने चिंता प्रकट की है|
देश भर से लाखों लोगों ने इससे
दूरियां बनाना शुरू भी कर दिया है| पिछले कुछ महीनों में इसके यूजर में एकदम से भारी
गिरावट आयी है| यह संकेत है,कि आगे भी फेसबुक पर यूजर की संख्या में गिरावट आएगी|
इसका एक बड़ा कारण लोगों की व्यक्तिगत जानकारी के साथ खिलवाड़ और फेसबुक पर बढ़ाते फेक
यूजर की वह बड़ी संख्या है, जो राष्ट्रिय और सामाजिक मूल्यों को तार-तार कर रही|
जिसने फेसबुक के सहारे जातीय-मजहबी द्वंद्ध और विरोधी ताकतों को बढ़ावा दिया है|
इसके साथ ही हैकिंग जैसी समस्या भी लोगों के होश उडाए हुए है| अब देखाना ये है, कि
क्या फेसबुक के आदि हो चूका एक बड़ा वर्ग
किस तरह इन चुनौतियों का सामना करता है? फेसबुक कंपनी क्या बदलाव करती है? क्या
सुरक्षा को महत्व दिया जायेगा? लोगों की व्यक्तिगत जानकारी को कितना सुरक्षा यह
कंपनी दे पायेगी? शिक्षित वर्ग जो बड़े संख्या में फेसबुक के यूजर है, उनके चिंता
का समाधान किस कहाँ तक फेसबुक कर पाती है? या फेसबुक जैसा लोकप्रिय विकल्प भी
मार्केट आ सकते है? यह एक भविष्यवाणी ही होगी, पर नये विकल्प की तलाश की चर्चा
आतंरिक रूप से चल जरूर रही है| तभी तो मामला एक दम से इतना तूल पकडे हुए है| अगर ऐसा ही कोई एप्प मार्केट में आने के साथ
लोगों व्यक्तिगत जानकारी और फेक यूजर के विरोध सक्रियता दिखाने का दावा करती है,
तो फेसबुक की छुट्टी समझा जाये| इधर फेसबुक भी अपने एक्सपर्ट से मिलाकर फेक आई.डी.
पर नकेल कैसे कसने के की सोच में है, और इस ओर प्रयास लगातार कर रही है| परन्तु जब तक समस्या का
समाधान नहीं होता है, स्वमं फेसबुक पर लोगों को सावधानी बरतनी होगी| भड़काऊ और गलत
अफवाह से बचे| बिना जानकारी के किसी सूचना को शेयर नहीं करे| सतर्कता और जायज भाषा
का प्रयोग करे| वैसी बाते आजादी के नाम पर नहीं करे, जिससे वर्ग संधर्ष जैसी
तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो| भावना में बहक कर द्वंद्ध जैसी स्थिति निर्मित ना करे|
असभ्यता और कुतर्क, भड़काऊ, अपमानित आलेख, जातीय-मजहबी संधर्ष, नेताओं का
चरित्र-चित्रण, अफवाह, अभाषित और अमर्यादित पोस्ट ना लिखे और नहीं ऐसे पोस्ट को
शेयर करे| इस तरह के खबरों से परहेज करके पुन: फेसबुक को सार्थक बनाया जा सकता है|
एक सामाजिक क्रांति लेन वाला यह डिजिटल एप्प आज असुरक्षा, फेक यूजर और विवादित
पोस्ट लिखने वाले और शेयर करने वाले लोगों के कारण दुर्गति के कगार पर है| यह
डिजिटल मीडिया के लिए अच्छा संकेत नहीं है! ऐसे फेक यूजर को चिन्हित कर ब्लॉक करना जरूरी
नहीं बल्कि अपरिहार्य है|
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जितेश कुमार
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