रेवा| प्रचीन शिव मंदिर श्री कामेश्वर नाथ महादेव| विख्यात के साथ ही इसकी भव्यता, निर्माण कला और प्राचीनता भक्तो को सम्मोहित करती है|
गंडक नदी उपाख्य नारायणी तट स्थित शिव मंदिर आस-पास के क्षेत्रों में धर्म की सजीवता और जीवन्तता को प्रकट करती है| लोगों की श्रद्धा और निकटता मंदिर के प्रति सराहनीय रही है| श्रावण मास में भक्तो के भीड़भाड़ इसकी अस्था का ही अनथक कहानी है| नारायणी नदी इसकी भव्यता और महानता का शाश्वत प्रतीक है| सौकड़ो वर्षों का इतिहास है, शिव मंदिर का और नारायणी आदिकालीन| प्राचीनता का मूकवाद करती यहां की जीवन्तता और लोगों का विश्वास आस्था का रहा है| लोलुपता भी होता है मिठास जहां है| कुछ निस्वार्थ तो कुछ स्वार्थ चलता आया है| बहुत दिन बाद सेवा का भाव क्या है? शीघ्रता से आस्था उभर आया निस्वार्थ का तो मन में बवाल उठना केवल भ्रम नहीं!
गंडक नदी उपाख्य नारायणी तट स्थित शिव मंदिर आस-पास के क्षेत्रों में धर्म की सजीवता और जीवन्तता को प्रकट करती है| लोगों की श्रद्धा और निकटता मंदिर के प्रति सराहनीय रही है| श्रावण मास में भक्तो के भीड़भाड़ इसकी अस्था का ही अनथक कहानी है| नारायणी नदी इसकी भव्यता और महानता का शाश्वत प्रतीक है| सौकड़ो वर्षों का इतिहास है, शिव मंदिर का और नारायणी आदिकालीन| प्राचीनता का मूकवाद करती यहां की जीवन्तता और लोगों का विश्वास आस्था का रहा है| लोलुपता भी होता है मिठास जहां है| कुछ निस्वार्थ तो कुछ स्वार्थ चलता आया है| बहुत दिन बाद सेवा का भाव क्या है? शीघ्रता से आस्था उभर आया निस्वार्थ का तो मन में बवाल उठना केवल भ्रम नहीं!
रेवा ग्राम अब रेवा धाम बनने के लिए तैयार है विचार बदल कर धाम की ओर अग्रेसित रेवा को बधाई| तुम धाम बन पाओ, जब मैं भक्त बन जाऊं| सुधारवादी हावी है हम बदले| हम जैसे तीसरे पीढ़ी गम्भीरता से तो नहीं, तन्मयता और ताकत से दायित्वहीन होकर नोकझोंक करते रहे है| जब तब उभर कर मामला आया है, हानि या लाभ!
आज इस विषय पर लिखने का भी कोई ना कोई
उद्देश्य है तो शिव मंदिर का जीर्णोध्दार हो| इसी उद्देश्य के इर्द-गिर्द व्यवस्थाकर्त्ता मंदिर की सेवा में अग्रेसर टोली में रहेंगे| मंदिर की भव्यता और विकास की चर्चा चल पड़ी है| मंदिर के जीर्णोध्दार साथ ही इसकी साजसजा आगे, महानता को बढ़ायेंगी|रेवा से रेवा धाम की ओर चले कदम को सिर झुकाकर अभिनन्दन|
उद्देश्य है तो शिव मंदिर का जीर्णोध्दार हो| इसी उद्देश्य के इर्द-गिर्द व्यवस्थाकर्त्ता मंदिर की सेवा में अग्रेसर टोली में रहेंगे| मंदिर की भव्यता और विकास की चर्चा चल पड़ी है| मंदिर के जीर्णोध्दार साथ ही इसकी साजसजा आगे, महानता को बढ़ायेंगी|रेवा से रेवा धाम की ओर चले कदम को सिर झुकाकर अभिनन्दन|


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