देश को दूसरे नंबर पर रख के हम नेशन फर्स्ट की बात करते है क्युकि हम राजनीति करते है. सर्जिकल स्ट्राइक 2 के बाद जिस प्रकार के बयानबनी हाल में चुनावी मंच और मीडिया साक्षात्कार से प्राप्त हुये है. यह देश की सरहद और समाज की सुरक्षा के लिए चिंता कर विषय तो है ही. किन्तु देश के ही अंदर बैठे पाकिस्तानपंथी लोगों के भुरके से नकाब भी हट रहा है. देश के वीर बलिदानी सैनिकों का अपमान करता कई बयान हाल फिलहाल में अपनी राजनीति उल्लू सीधा करने के लिए कांग्रेस के कुछ नेताओं ने दिया है.
मणिशंकर अय्यर, नवजीत सिंह सिद्धू, कपिल सिब्बल और अब पंडित राहुल गाँधी ने सेना के पराक्रम पर सवाल उठाये है. ग़ौरतलब हो कि पाकिस्तान के बालाकोट और आस-पास के क्षेत्रों में एयर स्ट्राइक करने के बाद देश की सेना ने दो टूक शब्दों में कहा था ख़ुफ़िया विभाग के द्वारा मिली जानकरी के बाद हमने सटीक और सफल एयर स्ट्राइक किया गया था. जिसमे मसूद अजहर के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया है. इस एयर स्ट्राइक में पाकिस्तान को भारी नुक्सान हुआ है. वही बीते दिन एक और भारतीय एजेंसी ने यह दवा किया. बालाकोट पर हमले के समय वहां 280 के करीब मोबाईल फोन चालू थे. इसके बाद कुछ रह नहीं जाता कहने और बोलने को, अब देश की सेना इन राजनीतिक लफड़ों में ना पड़े.
मणिशंकर अय्यर, नवजीत सिंह सिद्धू, कपिल सिब्बल और अब पंडित राहुल गाँधी ने सेना के पराक्रम पर सवाल उठाये है. ग़ौरतलब हो कि पाकिस्तान के बालाकोट और आस-पास के क्षेत्रों में एयर स्ट्राइक करने के बाद देश की सेना ने दो टूक शब्दों में कहा था ख़ुफ़िया विभाग के द्वारा मिली जानकरी के बाद हमने सटीक और सफल एयर स्ट्राइक किया गया था. जिसमे मसूद अजहर के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया है. इस एयर स्ट्राइक में पाकिस्तान को भारी नुक्सान हुआ है. वही बीते दिन एक और भारतीय एजेंसी ने यह दवा किया. बालाकोट पर हमले के समय वहां 280 के करीब मोबाईल फोन चालू थे. इसके बाद कुछ रह नहीं जाता कहने और बोलने को, अब देश की सेना इन राजनीतिक लफड़ों में ना पड़े.
वैश्विक आतंकी मसूद अजहर को 'अजहर जी, देश के 'प्रधानमंत्री को चौकीदार चोर है' और देश के रक्षा सलाहकार को तू-ताड़क करने वाले नेता पंडित राहुल गाँधी की समझदारी घुटने में जाकर बैठ गयी है या वो चुनावी नफा नुक्सान में इतना नमाज़लीन है कि देश के प्रधानमंत्री और रक्षा सलाहकार की बेइज्जती और आतंकी को आदरणीय पुकार रहे है.
इस तरह के बयान कांग्रेस अध्यक्ष और नामित कांग्रेस के पीएम उम्मीदवार के मुंह से शोभा नहीं देती है. आतंक के समर्थन में राहुल गाँधी को बयानबाजी करना स्वयं उनके और कांग्रेस के आतंरिक स्वाथ्य के लिए हानिकारक है. तभी तो इस बयान के बाद से सोशल मीडिया पर जमकर लोग अपनी भावना और गुस्सा राहुल के प्रति व्यक्त कर रहे है. देश को बगैर सूझ-भुझ की राजनीति संक्रमण काल में धकेलेने के लिए उतारू है. पंडित राहुल गाँधी इनको NCC की जानकारी नहीं, ऐसे लोग राजनीति शीर्ष पर पहुँच कर करेंगे क्या? अवरोध भारत के विकास को और कुछ नहीं. चैन के सोना है तो जनता जाग जाओ. नहीं तो किसी कारण आपकी निष्क्रियता आतंकी को भी आदरणीय बना देगा और तब केवल कश्मीर नहीं, देश में हर चौक चौराहे पर पुलवामा जैसी आतंकी तांडव होगा, उस समय ना मोदी होगा ना सर्जिकल स्ट्राइक. सावधान भारत!

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