गुरुवार, 14 मार्च 2019

फ़िल्म लुका छुप्पी: एक पहल शादी से पहले लिविंग रिलेशनशीप

जितेश कुमार।
मनोरंजन की दुनिया में भारत ने भी एक लम्बी उड़ान भरी है. भारत बदल रहा है यह तो मालूम है. किन्तु इतने शीघ्रता के बढ़ना बॉलीवुड को मेरे समझ से ठीक नहीं है. सामाजिक रीती-रीवाज को भूलना नहीं चाहिए. क्युकि किसी देश की पहचान उसकी संस्कृति और परम्परा होती है. इसकी उन्नति और प्रगति की जवाबदारी हम सब की है. साथ ही इसमें उत्पन्न कुरीतियों का अंत भी हमें ही करना है. भारतीय फ़िल्म
पिछले कई दशकों से रीती-रीवाज और परम्परा के नाम पर चल रहे कुरीति को उजागर करके समाज को एक नई दिशा दिखाई है. किंतु यह भी बात सही है कि  बिगत कुछ सालों में भारतीय फ़िल्म अंग प्रदर्शन और हमारी संस्कृति चोट कर रही है. हमारी इतिहास के साथ खिलवाड़ कर रही है. ऐसे ही मनोदशा से बनी लुका छुप्पी फ़िल्म मनोरंजन के नाम पर वैवाहिक संबंध, बिना विवाह किये हुये ही निभाने पर जोड़ देती दिखाई दे रही है. इस फ़िल्म का उद्देश्य क्या है? आइये फ़िल्म के स्टोरी पर एक नजर डालते है- फ़िल्म में लड़की और लड़का न्यूज़ रिपोटर है. स्टोरी लिखने के लिए वो शहर-शहर और गांव-गावं धूमते है. उनका न्यूज़ स्टोरी शादी के पहले लिविंग रिलेशनशिप में रहना सही है या नहीं? इस बीच दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगते है. जब शादी की बात आती है तो लड़की का मन कुछ दिन लिविंग रिलेशनशीप में रहने का होता है. इसके बाद सब कुछ ठीक रहा और साथ रहना पसंद हो तो शादी बाद में कर लेंगे. ऐसा प्रस्ताव लड़की करती है. दोनों इसी प्लान के साथ ग्वालियर, मप्र पहुंचते है और शादीशुदा बनाने के ढोंग करते रहने लगते है. फिर फ़िल्म के अंत में शादी से पहले लिविंग रिलेशनशीप को सही ठहराने के प्रयास भी किये गये है. 
सरासरी इसप्रकार के फ़िल्म वैवाहिक रीती रीवाज और इसकी आस्था के विरुद्ध है. एक बार फिर फ़िल्म के माध्यम से हिन्दू संस्कृति का जबरदस्त उपहास  उड़ाया गया है. एक तो महिला उत्पीड़न और शोषण में हम शीर्ष देशों में सुमार है. वही अब वैवाहिक रिश्तों पर भी बॉलीवुड ने अपनी विकसित सोच के डोरे डालने लगी है. इसप्रकार की सोच वाली फ़िल्म नहीं दिखाये जाये. काश फ़िल्म भारत के किसान, ग्रामीण जीवन, राजनीति सक्रियता, लोकतंत्र में वोट पावर आदि सोशल और जन-जागरूकता पर आधारित हो. विज्ञान और व्यापार, आर्थिक सुधार के साथ लघु उद्योग और राष्ट्रवादी सोच को बढ़ावा देने के साथ ही एकता के सूत्र को पिरोता दिखता.

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