मंगलवार, 24 अक्टूबर 2017

 दारुल उलूम जकरिया के वरिष्ठ उस्ताद और फतवा ऑन मोबाइल सर्विस के चेयरमैन मुफ्ती अरशद फारूकी के अनुसार ईमान शब्द सिर्फ मुसलमानों के लिए ही प्रयुक्त और उपयुक्त है इसलिए इमान शब्द और ईमानदारी शब्द का प्रयोग हिंदुओं के लिए होना अप्रत्याशित और अवांछित है विकपतः  निष्ठावान या नैषि्ठक शब्द का प्रयोग आपेक्षिक है |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कांग्रेस की निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में भारी गिरावट के पूर्वानुमान

भविष्य में क्या होंगी, मैं नहीं जनता हूँ |  इस दौर में बहुत लोग अभिव्यक्ति की आजादी का अलाप जप रहे है |  तो मुझे भी संविधान के धारा  19  क...