बुधवार, 1 अगस्त 2018

प्रधानमंत्री से ज्यादा भाजपा के ब्रांडएम्बेसडर मोदी - जितेश सिंह

कुछ महीने बाद चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है| ऐसे में जानकारों, विश्लेषकों, टिका-टिप्पणीकारों की माने तो प्रधानमंत्री का अबकी बार लाल किले से भाषण पहले से हट कर होगा| इस बार 15 अगस्त को लाल किले से क्या बोलेंगे मोदी? पांच साल के कार्यकाल का यह लाल किले से आखिरी संबोधन होगा| तो वही पहले से ही भाजपा चारों राज्यों (मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम) में चुनावी बिगुल बजा चुकी है| इन राज्यों में भाजपा के कार्यकर्त्ता की अपेक्षा भी मोदी के भाषण से जुड़ी होगी तो वही जनाता-जनार्धन की भी निगाहें फड़क रही है| मोदी का तोफा क्या होगा लाल किले से?

कुछ राजनीती विश्लेषकों की माने तो यह भाषण 2019 आम चुनाव की पृष्ठ भूमि तय करेगी| इसलिए सबकी नजर आने वाले 15 अगस्त को लाल किले पर होगी कि मोदी क्या बोलेंगे? क्या वे कोई बड़ी घोषणा करेंगे? या अपनी सरकार के कामकाज का ब्योरा ही पेश करेंगे| उनके करीबी कहते है
कि प्रधानमंत्री अपने भाषण के लिए आम लोगों से राय लेते है| वही मुद्दा उठाते है, जो लोगों के द्वारा सुझाए जाते है| तो क्या इस बार भी वही मुद्दे होंगे, जिसका सुझाव लोगों ने दिया होगा? या कोई बड़ी लुभावनी घोषणा कर सकते है? स्थितियों को देखे तो लगता है, इस बार मोदी किसानों, जवानों, नवजवानों और कर्मचारियों के लिए कोई बड़ा ऐलान कर सकते है? सूत्रों की माने तो केंद्र सरकार पहले से ही किसानों को लेकर संवेदनशील है| माना जाए कि अबकी बार लाल किले से अन्नदाता के लिए कोई बड़ी घोषणा की तैयारी में है सरकार? सरकार फसलों के न्यूतम समर्थन मूल्य में रिकार्ड बढ़ोतरी करने जा रही है| या इसके आलावे कोई और बड़ा प्रलोभन का पेटारा लाल किले से खोला जाएगा? किसानों के लिए इनपुट सब्सिडी की घोषणा, किसानों की निश्चित आय सुनिश्चित करने या किसानों के लिए पेंशन की घोषणा संभव है| जैसे यूपीए की सरकार ने रोजगार का अधिकार कानून बनाया था, वैसे ही सरकार न्यूतम कमाई का वादा कर सकती है, जिसका भुकतान सीधा लोगों के खाते में जाए|
कश्मीर को लेकर कोई बड़ी घोषण भी लाल किले से मोदी कर सकते है? शिक्षा के अलग-अलग स्तरों (प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण संस्थान) में छात्रों के हित में कोई बड़ा फैसला लेकर युवा मन को टटोलने का प्रयास भी कर सकते है| 

जितेश सिंह

अ.बि.वा.हि.वि.वि., भोपाल 

या प्रोफेसरों और नौकरशाहों की रिटायरमेंट की अवधी बढ़ाई जा सकती है? हो सकता बेरोजगारों के लिए लुभावक भाषण ही बोल दे| मोदी के भाषण का मुख्य मुद्दा जो हो, इतना साफ है कि अबकी बार मोदी 15 अगस्त को प्रधानमंत्री से ज्यादा भाजपा के ब्रांडएम्बेसडर के नाते लाल किले से गरजेंगे|               


                                                                 

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