कुछ महीने बाद चार राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है| ऐसे में जानकारों, विश्लेषकों, टिका-टिप्पणीकारों की माने तो प्रधानमंत्री का अबकी बार लाल किले से भाषण पहले से हट कर होगा| इस बार 15 अगस्त को लाल किले से क्या बोलेंगे मोदी? पांच साल के कार्यकाल का यह लाल किले से आखिरी संबोधन होगा| तो वही पहले से ही भाजपा चारों राज्यों (मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और मिजोरम) में चुनावी बिगुल बजा चुकी है| इन राज्यों में भाजपा के कार्यकर्त्ता की अपेक्षा भी मोदी के भाषण से जुड़ी होगी तो वही जनाता-जनार्धन की भी निगाहें फड़क रही है| मोदी का तोफा क्या होगा लाल किले से?
कुछ राजनीती विश्लेषकों की माने तो यह
भाषण 2019 आम चुनाव की पृष्ठ भूमि तय करेगी| इसलिए सबकी नजर आने वाले 15 अगस्त
को लाल किले पर होगी कि मोदी क्या बोलेंगे? क्या वे कोई बड़ी घोषणा करेंगे? या अपनी
सरकार के कामकाज का ब्योरा ही पेश करेंगे| उनके करीबी कहते है
कश्मीर को लेकर कोई बड़ी घोषण भी लाल किले
से मोदी कर सकते है? शिक्षा के अलग-अलग स्तरों (प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षण
संस्थान) में छात्रों के हित में कोई बड़ा फैसला लेकर युवा मन को टटोलने का प्रयास भी
कर सकते है|
या प्रोफेसरों और नौकरशाहों की रिटायरमेंट की अवधी बढ़ाई जा सकती है?
हो सकता बेरोजगारों के लिए लुभावक भाषण ही बोल दे| मोदी के भाषण का मुख्य मुद्दा
जो हो, इतना साफ है कि अबकी बार मोदी 15 अगस्त को प्रधानमंत्री से ज्यादा भाजपा के
ब्रांडएम्बेसडर के नाते लाल किले से गरजेंगे|
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जितेश सिंहअ.बि.वा.हि.वि.वि., भोपाल |


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