रेवा बसंतपुर स्थित एक प्राइवेट स्कूल (गुरूकुल) के वार्षिक उत्सव में जब दो अलग विचारधारा वाले घोर प्रतिद्वंद्वी राजनेता का सामना हुआ तो वही हुआ जैसा आम रूप से मंच पर देखा जाता है| किसी समारोह में देखा जाता है| पारू विधायक अशोक सिंह और विधान पार्षद और JDU नेता दिनेश सिंह मिले तो कुछ ऐसा ही मंजर था| दोनों आते-आते सर हिलाकर एक दुसरे का अभिवादन किया| लेकिन कार्यक्रम में उपस्थिति लोगों के मुंड को भापकर दोनों ने सुझबुझ दिखायी और एक साथ बगल में बैठकर हल्की मुस्कुराहट से यह संदेश दे दिया कि वो भी राजनीति के कच्चे खिलाड़ी नहीं| कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया| गुरूकुल के वार्षिक उत्सव में पारू विधायक ने अपने उद्घाटन भाषण में मंच पर उपस्थिति अतिथियों का स्वागत करते हुये बच्चो का भी अभिवादन किया और बच्चों के द्वारा कृष्ण-सुदामा नाट्य की सराहना भी की| तो वही जदयू के कदावर नेता दिनेश सिंह को कलयूग का कृष्ण और खुद को सुदामा बताया| इसके बाद उद्बोधन के लिए दिनेश सिंह खड़े हुए और अशोक सिंह को धन्यवाद दिया| बच्चों के कार्यक्रम को लेकर सराहा और गुरुकुल के सदस्यों को आश्वाशन दिया कि इसके विकास में हर संभव मदद करेंगे| दिनेश सिंह के साथ कार्यक्रम में बीणा देवी भी उपस्थित थी| अंदरूनी खबर है कि वैशाली संसदीय क्षेत्र; रामविलास पासवान की पार्टी (LGP) से बीणा देवी चुनाव लड़ सकती है| कार्यक्रम में बीणा देवी का आना वोटबैंक को देखते हुए जरुरी भी था| इस प्रकार आज के इस कार्यक्रम को 'शिक्षा बनाम राजनीति' के समागम का नाम दिया जाये तो गलत नहीं माना जाना चाहिए| इस अवसर पर कई स्थानीय नेता भी उपस्थित रहे कौशल किशोर सिंह (फैक्स अध्यक्ष), सुनील ठाकुर (मंडल अध्यक्ष, भाजपा), शत्रुधन सहनी (जिला पार्षद), अजय सिंह (पूर्व मुखिया पति), चितानन्द द्विवेदी (मुखिया), लक्ष्मण केशव केसरी अन्य गणमान्य राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठित व्यक्ति मौजूद रहे|
सन्देश:-
सुर्य का पूरब-पश्चिम से अटूट संबंध जरूर है लेकिन पूरब और पश्चिम का संबंध कैसा है? कभी सोच कर देखे| राजनीति में अनेको पार्टियों और दलो का देश के लोकतंत्र से संबंध जरूर अटूट है पर एक पार्टी का दुसरे पार्टी से कैसा संबंध है? कोई संस्कृति या किसी शुभारंभ कार्यक्रम में जब दोनों राजनीतिक नेता आचानक मिलते है तो आपस में हँसी का ठिकाना नहीं रहता और हम जैसे लोग चौक जाते है ऐसा हुआ कैसे? आज तक समझ में नहीं आया 'ये रिस्ता क्या कहलाता है|'
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