जितेश कुमार
आतंकी तो अफजल गुरु और याकूब मेमन था. जिसे मृत्यु अवश्य मिली. किन्तु जेल में भी फाइव स्टार होटल जैसी व्यवस्था का सुख प्राप्त हुआ. करोड़ों की सरकारी खजाने लुटाये गए. राज कांग्रेस का था और आतंकवादियों की मेहमान नवाजी करने की इनकी परंपरा है.
आज के आतंकी+ रक्त समूह के कोंग्रेसी उसी परम्परा से है जो किसी आतंकी के सामने सर झुकाती है, साष्टांग उसके चरणों में लेट जाती है. देश के आतंकियों की मेहमान नवाजी का क्या उद्देश्य हो सकता है?
केवल और केवल मुस्लिम तुष्टिकरण. अब तो बहुत हद तक मुस्लिम समुदाय भी समझने लगे हैं कि कांग्रेस ने केवल राजनीतिक लाभ के लिए उनका उपयोग किया है. कदाचित आतंकियों को विशेष सुविधा देकर उनको देशद्रोही साबित भी की है. हे अशफाक उल्ला खान के वंशजों, हे मौलाना आजाद के वंशजों, हे कलाम के वंशजों, अपने राष्ट्रभक्ति का प्रमाण दो. और अपनी धार्मिक पुस्तक कुरान को निष्कलंक करो. हे कुरान प्रेमियों, फर्जी और मुल्लाह-मौलवियों के मुख से उत्पन्न आतंकित रक्तजनित विनाशक विवेकहीन और अत्याचारी अपराधिक असमानता वाली कुरान का दहन करो. वास्तविक कुरान की आयतें पढ़ो देशभक्त बनो और देश से प्रेम करो तुम सीमा पर अब्दुल हमीद बनो. देश के लिए कलाम बनो. विदेशियों से लोहा लेने के लिए अशफाक उल्ला खान बनो. भारत की संस्कृति को पढ़ो, इस देश की इतिहास को पढ़ो, इस देश की विराट परम्परा को आत्मसात करो. इस देश के स्वाभिमान को समझो. यही तुम्हारा वास्तविक कुरान है, जरा इस कुरान को समझो.
केवल और केवल मुस्लिम तुष्टिकरण. अब तो बहुत हद तक मुस्लिम समुदाय भी समझने लगे हैं कि कांग्रेस ने केवल राजनीतिक लाभ के लिए उनका उपयोग किया है. कदाचित आतंकियों को विशेष सुविधा देकर उनको देशद्रोही साबित भी की है. हे अशफाक उल्ला खान के वंशजों, हे मौलाना आजाद के वंशजों, हे कलाम के वंशजों, अपने राष्ट्रभक्ति का प्रमाण दो. और अपनी धार्मिक पुस्तक कुरान को निष्कलंक करो. हे कुरान प्रेमियों, फर्जी और मुल्लाह-मौलवियों के मुख से उत्पन्न आतंकित रक्तजनित विनाशक विवेकहीन और अत्याचारी अपराधिक असमानता वाली कुरान का दहन करो. वास्तविक कुरान की आयतें पढ़ो देशभक्त बनो और देश से प्रेम करो तुम सीमा पर अब्दुल हमीद बनो. देश के लिए कलाम बनो. विदेशियों से लोहा लेने के लिए अशफाक उल्ला खान बनो. भारत की संस्कृति को पढ़ो, इस देश की इतिहास को पढ़ो, इस देश की विराट परम्परा को आत्मसात करो. इस देश के स्वाभिमान को समझो. यही तुम्हारा वास्तविक कुरान है, जरा इस कुरान को समझो.
यह आसमानी किताब नहीं राष्ट्रभक्ति की ज्वाला से उत्पन्न कुरान है, यहां अल्लाह हू अकबर नहीं, कोई नमाज नहीं, महिलाओं पर अत्याचार नहीं, बेजुबान जानवरों को मारना कोई पर्व त्यौहार नहीं, ना हड़पने की ख्वाहिश न बांटने की इच्छा. यह कुरान मारने-मरने की भक्ति नहीं देता है. यह कुरान भाईचारा, प्रेम और देशभक्ति की शपथ देता है

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